गुरुग्राममें ‘बुर्का’ और ‘हिजाब’ पहने एक विदेशी महिलाने एक ‘टैक्सी’ चालकको चाकूसे चोटिल किया
१७ फरवरी, २०२२
उत्तरप्रदेशके बुलन्द शहर निवासी रघुराज भाडेपर ‘टैक्सी’ चलाता है । लोगोंको गुरुग्रामसे देहलीके आनंद विहारतक लाता ले जाता है । मंगलवार प्रातः वह यात्रियोंकी प्रतीक्षामें था, तब अकस्मात ‘बुर्के’में एक महिला आई और उसे ‘टैक्सी’का ‘शीशा’ उठानेको कहा । ‘शीशा’ उठातेही महिलाने उसपर चाकूसे आक्रमण कर चोटिल कर दिया । इसके पश्चात वह महिला ‘सिविल लाइंस’की ओर भागने लगी । वाहन चालकने उसका पीछा किया व ‘पुलिस’को सूचित किया ।
‘पुलिस’कर्मियोंसे भी महिलाने मारपीट की । ‘पुलिस’ने उसे बन्दी बना लिया व पूछताछ कर रही है । ‘पुलिस’ चाकूसे आक्रमण किए जानेका कारण ज्ञात करनेका प्रयास कर रही है । महिला मिस्रकी नागरिक बताई जा रही है ।
‘हिजाब’ व ‘बुर्के’पर आन्दोलनकर उसे अपना धार्मिक अधिकार बतानेवाले अब कहां हैं ? ‘हिजाब’ व ‘बुर्के’के पीछे छुपकर जो अपराध घटित हुआ व घटित होनेकी आशंका होती है, उसपर कट्टरपन्थी क्या कहेंगे ? यह तो अपराधियोंके मुख छुपानेका कारण बन रहा है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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