मदिराकी ‘बोतल’का मूल्य न देनेके कारण आपणीपर ‘पत्थरबाजी’ !


२२ फरवरी, २०२२
      देहलीके जगतपुरी स्थित मदिराकी आपणीमें एक ‘बोतल’ समेत दूसरी ‘बोतल’ निःशुल्क न देनेके कारण क्रोधित हुए कुछ लोगोंने आपणीपर ‘पत्थरबाजी’ की । इसमें कुछ लोग चोटिल हो गए । इस घटनामें ‘पुलिस’ने २१ लोगोंको बन्दी बना लिया है ।
         जो लोग मदिराके दुर्व्यसनकी अपेक्षित पूर्ति न मिलनेपर अपनी स्वामीको मारनेको आतुर हो सकते हैं, वह अपनी पत्नी, बच्चों, घर-परिवारवालों व परिचितोंसे कैसे व्यवहार करते होंगे ? दुर्व्यसनके अधीन मनुष्य वीभत्म स्तरतक गिर जाता है । इससे समाजके सामूहिक स्वास्थ्यपर विपरीत प्रभाव तो पडता है । दुर्व्यसनोंको पोषित करनेके स्थानपर इन्हें पूर्णतः प्रतिबन्धित करने हेतु समाज, प्रशासन व शासनको सामूहिक स्तरपर जागरूक होकर ठोस पग उठाने होंगे ।  सर्व जीव योग्य साधनाकर कर्म हिन्दू बने, यही सर्व सामाजिक दुर्व्यसनों व दुष्प्रवृतियोंके निर्मूलनके लिए स्थाई सामाधन है; अतः हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना अपरिहार्य है । 
 


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