केरलके ‘मदरसे’में ‘मौलवी’ने अवयस्क बालिकासे किया दुष्कर्म, २ माहकी गर्भवती होनेके पश्चात कुकृत्य हुआ उजागर
३ मार्च, २०२२
केरलमें १३ वर्षकी अवयस्क बालिकासे दुष्कर्मका प्रकरण उजागर हुआ है । ‘मदरसे’में पढानेवाले ‘मौलवी’ने बालिकासे दुष्कर्म किया; परन्तु प्रकरण तब उजागर हुआ जब बालिका गर्भवती हो गई । इसके पश्चात तमिलनाडुके रहनेवाले आरोपी ‘मदरसा’ शिक्षक शराफुद्दीनको बन्दी बना लिया गया । ‘मीडिया’ प्रतिवेदनके अनुसार, दुष्कर्मका प्रकरण २०२१ के नवम्बर माहका है, जब ‘मदरसे’में ‘असिस्टेंट’के रूपमें कार्य करनेवाले शराफुद्दीनने बच्चीको नियमित कक्षा आरम्भ होनेसे पूर्व ही ‘मदरसे’में बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया । शराफुद्दीन ‘मदरसे’में गत ७ वर्षोंसे सहायकके रूपमें कार्यरत था । वह पट्टीमट्टम क्षेत्रमें भाडेके ‘मकान’में रहता है एवं उसे मलयालम भाषाका भी पूर्ण ज्ञान है । वहीं अबोध बालिकाको जीव विज्ञानकी कक्षामें जब शिक्षिकाने लडकियोंको मासिक धर्मके विषयमें बताया और कहा कि जब कोई लडकी गर्भवती हो जाए तो उसे मासिक धर्म नहीं होता तो पीडिताको शंका हुई एवं उसने यह बात अपने सखीको बताई । तब सखीने इसकी जानकारी शिक्षिकाको दी एवं प्रकरण प्रधानाचार्यातक पहुंचा । अब ‘पुलिस’ कार्यवाहीमें आरोपीके विरुद्ध ‘पोस्को’ अन्तर्गत अभियोग प्रविष्ट किया गया है ।
जिस पन्थके लिए बालिकाओंसे लेकर वृद्ध महिलाएंतक, मात्र शारीरिक उपयोगकी वस्तु हो वह पन्थ केवल अकल्याणकारी ही हो सकता है, जिससे सभी हिन्दुओंको सावधान रहना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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