४ गायोंके कटे मस्तक मिले, इससे पूर्व १८ मिले थे, पंजाबमें थम नहीं रहा गोहत्याओंका क्रम, भगवंत मानने दिए जांचके आदेश


१३ मार्च, २०२२
     पंजाबमें गोहत्याका क्रम थमता नहीं दिख रहा है । जहां एक ओर होशियारपुरमें १८ गायोंके कटे हुए सिर मिले थे, वहीं दूसरी ओर अब जालंधरमें ४ और गायोंके मस्तक प्राप्त किए गए हैं । जालंधरमें मकसूदां ‘थाने’के अन्तर्गत ४ गायोंके कटे हुए मस्तक मिलनेके क्षेत्रमें तनाव फैल गया और कई धार्मिक संगठन भी घटनास्थलपर पहुंचे । ये घटना वरियाणा गांवके निकटकी है । ‘पुलिस’ भी घटनास्थलपर पहुंची । हिन्दू संगठन आक्रोशित हैं ।
      जनपद मुख्यालय होशियारपुर नगरसे ३६ किलोमीटरके अन्तरपर ये घटना हुई । शनिवारको (१२ मार्च २०२२ को) सवेरे हुई इस घटनासे क्षेत्रमें तनाव व्याप्त हो गया । ‘पंजाब गोसेवा आयोग’ने इस घटनाकी जांचके लिए दो सदस्यीय समूहका गठन किया है । साथ ही एक सप्ताहके भीतर विवरण सौंपनेको भी कहा गया है ।
      पंजाबके भावी मुख्यमन्त्री और ‘आप’ नेता भगवंत मानने भी इस घटनाकी निन्दा की और साथ ही ‘पुलिस’ महानिरीक्षकको (DGP को) इस घटनाकी विस्तृत जांच करनेके लिए कहा है ।
      हिन्दुओंने जालंधर-पठानकोट ‘जीटी’ मार्गपर ‘धरना’ देकर अपने आक्रोशको प्रदर्शित किया । इस मध्य टांडामें यातायात भी रोका गया ।
      ‘पुलिस’ने घटनाकी सूचना मिलनेके पश्चात वहां पहुंचकर जांच आरम्भ की । ‘आईपीसी’की धारा-२९५ ‘ए’के (शान्ति भंग करनेके उद्देश्यसे किसी धर्मका अपमानके) साथ-साथ ‘पशुओंके प्रति क्रूरता रोकथाम अधिनियम’के अन्तर्गत भी प्राथमिकी (FIR) प्रविष्ट की ।
       पंजाबमें एकके पश्चात एक हो रहे गोसंहारको देखकर स्पष्ट होता है कि गोतस्कर निरङ्कुश होकर पंजाबमें कार्यरत है । गोवधको रोकने हेतु सर्वप्रथम गोको राष्ट्रपशु घोषित किया जाए और उसकी हत्या करनेवाले दोषियोंको मृत्युदण्ड दिया जाए; ऐसा विधान पारित हो । तब कही जाकर यह संवेदनहीन कृत्य रुकेंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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