बेगूसरायमें होलीके दिवस सामान्य कारणको लेकर कट्टरपन्थियोंद्वारा किए आक्रमणमें २० से अधिक हिन्दू चोटिल
२२ मार्च, २०२२
बिहारमें बेगूसरायके राजौरा गांवमें होलीके दिवस, धर्मान्ध कट्टरपन्थियोंने हिन्दुओंपर ‘राइफल’ और ‘तलवार’ जैसे घातक ‘हथियारों’से आक्रमण किया, जिसमें २० से अधिक हिन्दू चोटिल हुए । इनमेंसे कुछ की परिस्थिति गम्भीर है । घटना, बच्चोंके मध्य हुए सामान्य विवादको लेकर हुई । बजरंगदलद्वारा दी गई जानकारीके अनुसार, यहां सरस्वती मन्दिरके निकट रहनेवाले हिन्दुओंपर ३०० से अधिक कट्टरपन्थियोंने आक्रमण किया । उन्होंने आरोप लगाया कि यह विदित होते हुए कि राजौरा गांव धार्मिक रूपसे संवेदनशील है, पुलिस निष्क्रिय रही ।
इस घटनाकी जानकारी प्राप्त होनेके उपरान्त, केन्द्रीय मन्त्री गिरिराज सिंहने राजौरा जाकर चिकित्सालयमें उपचार करा रहे चोटिल हिन्दुओंसे पूछताछ की । गिरिराज सिंहने प्रशासनिक अधिकारियोंसे पूछा, “बेगूसरायके राजौरामें हिन्दू सुरक्षित नहीं तो वह कहां जाएंगे ? ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखनेके पश्चात मैं पूरी रात्रि शयन नहीं कर पाया । पाकिस्तानमें हिन्दू मारे गए । उनका बलात धर्म परिवर्तन किया गया । बांग्लादेशमें मन्दिरोंको तोडा गया । बेगूसरायमें बच्चोंके मध्य वाद-विवादके उपरान्त, हिन्दुओंपर ‘तलवार’से आक्रमण किया गया । यदि प्रशासन इस प्रकरणमें दिखावटी कार्यवाही करता है, तो मुझे कठोर पग उठाने पडेंगे ।”
क्या ईद, क्रिसमस आदि जैसे अन्य सम्प्रदायोंके त्योहारोंके समय उनपर कभी आक्रमण होते हैं ? तो हिन्दू त्योहारोंके समय ही कट्टरपन्थी, हिन्दुओंपर आक्रमण क्यों करते हैं ? धर्मनिरपेक्षतावादी इसका उत्तर कब देंगे ? – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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