कोलारमें ‘क्लॉक टॉवर’से हटा ‘इस्लामीकरण’का प्रतीक, ७५ वर्ष पश्चात ‘इस्लामिक’ ध्वजको हटा लहराया गया तिरंगा


२२ मार्च, २०२२
      कर्नाटकके कोलार जनपदमें स्थित घण्टाघर गत ७५ वर्षोंसे ‘इस्लामी’ रंगमें रंगा हुआ था; परन्तु अब इसमें परिवर्तन देखनेको मिला है । शनिवारको (१९ मार्च २०२२ को) पहली बार कोलारके ‘क्लॉक टॉवर’को  तिरंगेसे रंग दिया गया । वहांपर गर्वसे देशका तिरंगा लहराया गया ।
      ७ दशकोंके पश्चात ऐसा हो सका है कि घण्टाघरको श्वेत रंगसे ‘पेंट’ करनेके पश्चत उसपर तिरंगेकी ‘पेंटिंग’ भी बनाई गई । इस मध्य वहां कार्य करनेवाले श्रमिकोंको ‘पुलिस’ने समूची सुरक्षा दी । परिस्थिति अनियन्त्रित न हों, इसके लिए ‘रैपिड एक्शन फोर्स’को (RAF को) नियुक्त किया गया था । इस अवसरपर कोलार जनपदके ‘एसपी’ डी देवराजू भी घटनास्थलपर उपस्थित रहे । घण्टाघरपर ७० वर्षोंसे भी अधिक समयसे लहरा रहे, ‘इस्लामिक’ ध्वजको जनपद प्रशासनद्वारा हटाए जानेके पश्चात नगरमें तनावपूर्ण स्थिति हो गई थी । यद्यपि, कोई अप्रिय घटना नहीं हुई ।
     इसके पश्चात कोलार जनपद ‘पुलिस’ने स्थानीय मुसलमानों समेत अन्य लोगोंको घण्टाघरपर राष्ट्रीय ध्वज लहरानेके कार्यक्रममें सम्मिलित किया । जनपद प्रशासनद्वारा की गई कार्यवाहीका दृश्यपट सार्वजनिक होनेके पश्चात, नागरिक घण्टाघरको नियन्त्रणमें लेनेके लिए अधिकारियोंकी प्रसंशा कर रहे हैं ।
        प्रत्येक परिस्थिति एक दिन अवश्य ही परिवर्तित होती है; परन्तु उस परिवर्तन हेतु आवश्यकता होती है, दृढ निश्चय एवं संकल्प शक्तिकी । उपर्युक्त प्रसंग हिन्दुओंकी एकताका एक उदहारण मात्र है; अतः हिन्दुओं संघर्षरत रहो ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 


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