भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी नियाज खानने ‘द कश्मीर फाइल्स’के विरुद्ध प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए किया मुसलमानोंके हितका समर्थन
१९ मार्च, २०२२
कश्मीरी हिन्दुओंके नरसंहारपर आधारित चलचित्र, ‘द कश्मीर फाइल्स’को जहां एक ओर देशभरसे प्रचण्ड प्रतिसाद मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर धर्मान्ध कट्टरपन्थी और हिन्दूद्वेषी इसका विरोध भी कर रहे हैं । मध्य प्रदेशमें एक भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी नियाज खानने विवेक अग्निहोत्रीका नाम लिए बिना कहा कि चलचित्र निर्माताओंको मुसलमानोंके नरसंहारपर भी चलचित्र बनाने चाहिए । साथ ही उन्होंने चलचित्रसे अर्जित राशि कश्मीरी हिन्दुओंके लिए दान कर देनेकी चुनौती भी चलचित्र निर्माताको दी ।
मध्य प्रदेशके सत्ताधारी दल भाजपाके अनेक विधायकोंने उक्त अधिकारीपर कार्यवाही करनेकी मांग मुख्यमन्त्री शिवराज सिंह चौहानसे की है । रही बात मुसलमानोंके नरसंहारपर चलचित्र बनानेकी तो इसपर विचार किया जाना चाहिए और सीरिया, यमन, अफगानिस्तान, पाकिस्तान आदि देशोंमें मुसलमानोंद्वारा, मुसलमानोंके नरसंहारपर चलचित्र अवश्य बनने चाहिए । साथ ही उन्होंने चलचित्रसे प्राप्त आयको कश्मीरी हिन्दुओंके लिए दान देनेकी कटाक्षयुक्त चुनौती दी है, जिसे गम्भीरतासे नहीं लिया जाना चाहिए; क्योंकि चलचित्र निर्माताका कार्य सत्यको उजागर करनेवाले चलचित्रका निर्माण करना था, जो उन्होंने किया । पीडितोंके पुनर्वासका दायित्व शासनका है, जिसे शासन पूर्ण करे ! चलचित्र निर्माता, अर्जित धनसे इसी प्रकारके अनेकानेक चलचित्र बना सकते हैं, जो उन्हें बनाने चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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