पश्चिम बंगालके जलपाईगुडी रेलयान स्थानकसे ७ रोहिंग्या बन्दी, देहली जानेकी बना रहे थे योजना


१९ मार्च, २०२२
       पश्चिम बंगालसे पुनः रोहिंग्या बन्दी बनाए गए हैं । बांग्लादेशके रोहिंग्या शरणार्थी शिविरसे भागी ६ महिलाओं सहित ७ रोहिंग्याओंको ‘रेलवे पुलिस’ने ‘एनजीपी रेल स्थानक’से बन्दी बनाया है ।
      ये लोग किसी अभिकर्ताकी (एजेन्टकी) सहायतासे त्रिपुरासे असम पहुंचे थे । मंगलवारको असमके कुमारघाटसे ‘कंचनजंगा एक्सप्रेस’में बैठे थे । ‘न्यू जलपाईगुडी’में उतरकर वहांसे ‘सम्पर्क क्रान्ति’से देहली जानेकी योजना थी । वे बुधवार प्रातः निर्धारित समयपर जलपाईगुडी पहुंच गए थे; परन्तु ‘जीआरपी’ने उन्हें सन्दिग्ध पाकर बन्दी बना लिया । इनका परिचय मोहम्मद जुबेर, नूर फातेमा, रोजिया, किस्मतारा, नूरजहां, मुजिदा व मोरिजानके रूपमें हुआ है ।
     उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व इसी ‘थाने’में ३१ रोहिंग्या पकडे गए थे । सभी एक राज्यसे दूसरे राज्यमें प्रवेश करते पकडे गए थे । ‘पुलिस’ने अवैध प्रवासियोंको पकडनेके अभियानमें वृद्धि कर दी है ।
       सीमा सुरक्षा बलोंके होते हुए अवैध प्रवासियोंका भारतमें इतनी विपुल मात्रामें प्रवेश होता ही कैसे है ? कहीं न कहीं सीमा सुरक्षा बलोंकी कार्यवाहीमें चूक है । इसी कारण लाखों रोहिंग्या भारतकी सीमामें प्रवेशकर सर्वत्र फैल चुके हैं । हमारे देशकी संसाधनोंका दोहन कर रहे हैं । शासन क्या इन्हें पकडकर त्वरित देशसे बाहर करेगा ? – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 


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