“कर्नाटक धर्मस्व विभागके क्षेत्रमें आनेवाले सभी मन्दिरोंके क्षेत्रसे अहिन्दुओंकी आपणी हटाई जाए”- हिन्दुजनजागृति समिति


२६ मार्च, २०२२
             हिन्दुजनजागृति समितिके प्रवक्ता मोहन गौडाके नेतृत्वमें गुरुवारको एक प्रतिनिधिमण्डलने कर्नाटक मुजराई विभागके आयुक्तसे भेंटकर मांग की कि कर्नाटक धर्मस्व विभागके अन्तर्गत अहिन्दुओंद्वारा सञ्चालित सभी आपणियां त्वरित प्रभावसे हटाई जाएं !
              मोहन गौडासे बैठकके उपरान्त धर्मस्व विभागकी आयुक्त रोहिणी सिंधुरीको भी इस सम्बन्धमें ज्ञापन दिया गया ।
               बेंगलुरुके उपरपेटमें हनुमान मन्दिरके स्वामित्ववाले परिसरमें अहिन्दुओंकी ‘चप्पल’की आपणी है । उनके भाडेके पट्टोंकी अवधि २०१४ में ही समाप्त हो चुकी है; परन्तु वे लोग अनधिकृत रूपसे अपना व्यापार कर रहे हैं । यह कर्नाटक धर्मस्व अधिनियम १९९७ का उल्लङ्घन है । उक्त अधिनियमकी धारा २९(८)(१२) में उल्लेखित है कि अहिन्दू यहां व्यापार नहीं कर सकते । उन्हें कोई भूमि, भवन या स्थल व्यापार हेतु देना नियम विरुद्ध है । इस नियमकी उपेक्षाकर गत ४० वर्षोंसे अहिन्दू मन्दिरोंके निकट व्यापार करते देखे जा रहे हैं ।
        हिन्दुजनजागृति समितिके अनुसार इससे मन्दिरकी धरोहर, पवित्रता व सुरक्षा नष्ट हो सकती है ।
        मन्दिरोंकी सुरक्षा व पवित्रताके अन्तर्गत विभागके कर्मचारियोंका इस बारेमें कोई कार्यवाही न करना दुःखद है । अधिकारियोंको त्वरित कार्यवाहीकर, ऐसी सभी आपणियां त्वरित प्रभावसे मन्दिरोंके परिसरसे हटानी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 


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