झारखंडमें ६१ वनवासी परिवारने की ‘घर वापसी’, ‘मिशनरियों’के चंगुलमें फंस बन गए थे ईसाई, विश्व हिन्दू परिषद चला रही है अभियान
२५ मार्च, २०२२
झारखंडमें ‘मिशनरियों’के धर्मान्तरणका विभक्त प्रपञ्च अनवरत चल रहा है, जहां ग्रामीण क्षेत्रोंमें व्यापक संख्यामें भोले-भाले आदिवासी परिवारको बहला-फुसलाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है । यह तब हो रहा है जब राज्यमें धर्मान्तरण विधान क्रियान्वित है ।
जानकारीके अनुसकर, साहिबगंज जनपदमें ईसाई ‘मिशनरी’के प्रतिनिधियोंद्वारा लोगोंको ‘बहला-फुसलाकर’, ‘ब्रेनवाश’ व बलपूर्वक धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है । उन्हें धनका प्रलोभन दिया जाता है; किन्तु उनके ‘घर वापसी’का क्रम भी अनवरत चल रहा है । गुरुवार, २५ मार्च २०२२ को साहिबगंज जनपदके वनवासी समाजके ६१ परिवारोंके सैकडों लोगोंने घर ‘वापसी’ की । ‘विश्व हिन्दू परिषद’के विभाग प्रमुख कालीचरण मण्डलने इनकी घर ‘वापसी’की प्रक्रिया पूरी करवाई ।
सनातन धर्ममें पुनः लौट आए हिन्दुओंका स्वागत है; घर ‘वापसी’को हुए हिन्दुओंको सङ्कल्पबद्ध होकर हिन्दू धर्मका पूर्णतासे अभ्यासकर, ईश्वरको कृतज्ञता व्यक्त करना चाहिए; जो किसी भी कारणसे धर्मान्तरित हुए हैं, उन्हें ‘ईसाई मिशनरियों’के प्रपञ्चोंसे पूर्ण सचेत कराना होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply