बंगाल विधानसभामें बीरभूममें जीवित जलाए गए लोगोंकी बात उठानेपर कोलाहल, ‘बीजेपी’ विधायकोंके वस्त्र फाडे


२८ मार्च, २०२२
      पश्चिम बंगाल विधानसभामें सोमवारको (२८ मार्च २०२२ को) अत्यधिक कोलाहल हुआ । ‘बीजेपी’ नेताओंका ‘दावा’ है कि बीरभूममें लोगोंको जीवित जलानेकी घटनापर सदनमें चर्चाकी मांग करनेपर उनके साथ सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेसके विधायकोंने मारपीट की । ‘बीजेपी’ विधायक मनोज तिग्गाके वस्त्रतक फाड डाले गए । इस मध्य विधानसभा अध्यक्षने पांच ‘बीजेपी’ विधायकों शुभेंदु अधिकारी, मनोज तिग्गा, नरहरि महतो, शंकर घोष, दीपक बर्मनको निलम्बित कर दिया है ।
         बंगाल विधानसभामें कोलाहलपर ‘बीजेपी’ नेता लॉकेट चटर्जीने समाचार अभिकरण ‘एएनआई’को बताया, “पश्चिम बंगालमें सभापति स्वयं बोल रहे हैं कि ‘बीजेपी’के विधायकोंको मारो । पश्चिम बंगालमें न गणतन्त्र है और न ही विधान-व्यवस्था । यहां हिटलरका शासन चल रहा है । ममता बनर्जी हमसे भयभीत हैं; इसलिए वह हमारे विधायकोंको पिटवा रही हैं ।”
     बता दें कि पश्चिम बंगालके बीरभूम स्थित रमपुरहाटमें ८ लोगोंको उनके घरमें बन्दकर जीवित जला दिया गया था । सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेसके (TMC के) नेता भादू शेखकी ‘बमबारी’में हत्याके पश्चात आक्रामक ‘भीड’ने इस घटनाको ‘अंजाम’ दिया था ।
       पश्चिम बंगालकी स्थिति दिन प्रतिदिन भयवाह होती जा रही है । वहां केवल एक व्यक्तिका विधान चलता है और वह है ममता बनर्जी; अतः पश्चिम बंगालमें अतिशीघ्र राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए, जिससे वहां हत्याएं और तानाशाही रोकी जा सके । ऐसा हिन्दुओंको लगता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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