‘पुलिस’के साथ तिरंगा यात्रामें घूम रहा जहांगीरपुरी उपद्रवका मुख्य आरोपी तबरेज, बनाया गया बन्दी
८ मई, २०२२
जहांगीरपुरी उपद्रवका षड्यन्त्रकारी ३० वर्षीय तबरेज अंसारीको देहली ‘पुलिस’ने बन्दी बना लिया है । वह तिरंगा यात्रामें सबसे आगे चल रहा था एवं देहली ‘पुलिस’के साथ ‘अमन’ व हिन्दू-मुसलमान ‘भाईचारे’की बातें करता घूम रहा था । उपद्रवके पश्चात कथित हिन्दू-मुस्लिम एकताको प्रोत्साहित करने हेतु क्षेत्रमें तिरंगा यात्रा निकाली गई थी । अब शनिवार ७ मई २०२२ को ‘क्राइम ब्रांच’ने तबरेज सहित तीन आरोपियोंको बन्दी बनाया है । उपद्रवके पश्चात तबरेज देहली ‘पुलिस’के साथ घूम-घूमकर लोगोंसे शान्तिकी प्रार्थनाका नाटक कर रहा था । वह ‘पुलिस’से भी क्षेत्रमें ढील देनेको कहता था, साथ ही वह नगर निगममें चुनावके लिए भी ‘ताल ठोक’ रहा था । उसके अन्य दो सहयोगी अनाबुल एवं जलीलको भी ‘पुलिस’की अभिरक्षामें लिया गया है । जहांगीरपुरीमें हनुमान जयन्ती शोभायात्रापर हुई ‘पत्थरबाजी’में उसकी सक्रिय भूमिका थी । देहली ‘पुलिस’के नाकके नीचे वह अपने षड्यन्त्रको सरलतासे क्रियान्वित करता रहा । जब ‘पुलिस’ उसे ‘थाने’ ले गई तब भी वह बाहर खडे अपने परिजनको उकसानेमें लगा हुआ था । फरवरी २०२० में हिन्दू विरोधी उपद्रवमें भी उसका नाम था । उसे ‘वीडियो फुटेज’ व ‘टेक्निकल सर्विलांस’के आधारपर बन्दी बनाया गया है । अबतक जहांगीरपुरी उपद्रव प्रकरणमें देहली ‘पुलिस’द्वारा कुल ३६ लोगोंको बन्दी बनाया गया हैं, जिनमें तीन अवयस्क बताए जा रहे हैं । उधर रोहिणी न्यायालयके ‘एडिशनल सेशन जज’ गगनदीप सिंहने इस प्रकरणके ८ आरोपियोंको प्रतिभूति (जमानत) प्रदान करनेवाली याचिकाको निरस्त कर दिया है । न्यायालयने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अभी भी अन्य आरोपी ‘पुलिस’की पकडसे बाहर हैं ।”
छल एवं कपट जिहादियोंके रक्तमें समाया हुआ है । वहीं इसको सिद्ध करते साक्ष्य हमें नित्य प्राप्त होते रहते हैं । अब न्यायालयसे अपेक्षा है कि वह आरोपीको कठोरसे कठोर दण्ड प्रदान करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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