पाकिस्तानके अत्याचारोंसे तंग आया एक और हिन्दू परिवार, नेपालके मार्गसे भारतमें लिया प्रवेश


१२ मई, २०२२
      पाकिस्तानमें अल्पसंख्यकोंपर होनेवाले अत्याचारोंसे व्यथित होकर एक और ‘दलित’ समुदायके हिन्दू परिवारने भारतमें शरण ली है । परिवारमें महिलाओं और बच्चों सहित १० लोग बताए जा रहे हैं । पाकिस्तानने इस परिवारको भारतका ‘विसा’ नहीं दिया था । इसीके चलते यह परिवार नेपालके मार्गसे भारत आया है । इस परिवारने राजस्थानके बाडमेरमें शरण ली है ।
       परिवारके मुखिया राजेश कुमारने बताया, “हमें पाकिस्तानमें निरन्तर मृत्युकी धमकियां दी जाती हैं । हमारी महिलाओंके साथ दुष्कर्म करनेकी भी धमकी मिलती है । मेरे छोटे भाईको पाकिस्तानकी शासकीय अभिकरणोंने ‘मनी लॉन्ड्रिंग’के अभियोगमें बन्दी बनाया था । जैसे-तैसे वे सितम्बर २०२१ में मुक्त हुआ तो उसके ही साथियोंने उसका अपहरण कर लिया । इसके स्थानपर हमसे ‘फिरौती’ मांगी जाती रही ।”
    राजेश मेघवालने आगे बताया, “हमारे पास देनेके लिए पैसे ही नहीं थे । अन्ततः अपहरणकर्ताओंने ४७ दिनों पश्चात मेरे भाईको छोडा । अब हम पाकिस्तानमें नहीं रह सकते थे । यदि हम वहां रहते तो न जाने हमारे साथ क्या हो जाता ? मेरा भाई हरीश अभी नहीं आ पाया है; क्योंकि उसके ऊपर वहां अभियोग प्रविष्ट है ।”
       एक ओर पाकिस्तान है, जहां हिन्दू असुरक्षित है और भयमें अपना जीवन व्यापन करनेको विवश है तो वहीं दूसरी ओर, भारतमें ‘पाकिस्तानी’ और ‘बांग्लादेशी’ मुसलमान शरणार्थी बनकर भूमि अतिक्रमण कर रहे हैं तथा हिन्दुओंको ही ‘आंखे दिखाने’में लगे है । सभी हिन्दू भारत शासनसे मांग करते है कि शीघ्र ही ‘एनआरसी’ क्रियान्वित की जाए, अन्यथा जो हिन्दुओंकी पाकिस्तानमें दुर्दशा है, वहीं भारतमें भी होगी ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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