भोपालके ईसाई विद्यालयमें चल रहा था धर्मान्तरणका कुकृत्य, हनुमान चालीसापर आपत्तिजनक टिप्पणी व हिन्दू विरोधी भाषण, विद्यालय संचालक बनाया गया बन्दी


१६ मई, २०२२
              मध्य प्रदेशकी राजधानी भोपालके एक निजी ईसाई विद्यालयमें धर्मान्तरणका प्रकरण उजागर हुआ है । बैरागढ क्षेत्रमें इसकी सूचना मिलनेके पश्चात ही ‘पुलिस’ उस स्थलपर पहुंच गई । प्रकरण ‘क्राइस्ट मेमोरियल’ विद्यालयका है । विद्यालयका संचालन करनेवाले लोग भी ईसाई समुदायसे ही आते हैं । ‘पुलिस’को सूचना मिली कि वहां कुछ लोगों ईसाई धर्मान्तरणके प्रथम चरणकी प्रक्रिया करा रहे हैं  एवं हिन्दू समाजके अनेक महिला पुरुष वहांपर उपस्थित है । विद्यालयमें शैक्षणिक कार्योंके नामपर सन्दिग्ध गतिविधियां चल रही थीं । प्रकरण स्थलपर ऐसी पुस्तकें भी मिली, जिनमें हिन्दू धर्मके विरुद्ध घृणा प्रसारित करनेका कार्य किया जा रहा था । ‘पुलिस’ने छापेमारीकर वहांके लोगोंको अपनी अभिरक्षामें लिया है । वहीं आक्रोशित हिन्दू संगठनोंने उक्त स्थानपर पहुंचकर साक्ष्यके रूप में ‘वीडियो’ भी बना लिया । स्थानीय ‘भाजपा’ विधायक रामेश्वर शर्मानें ‘कमिश्नर’से बातकर प्राथमिकी प्रविष्ट करनेकी मांग भी की है । विद्यालय संचालक मैनिस मैथ्यूज व पाल पोलूस निर्धनों व्यक्तियोंसे हनुमान चालीसाके विरुद्ध अनुचित बातेंकर रहे थे तथा उनकेद्वारा सनातन धर्म ग्रन्थोंको निन्दा हेतु लक्ष्य बनाया जा रहा था ।
     धर्मान्तरणके विरुद्ध कार्यवाही होनेके पश्चात भी धर्मान्तरणके कुकृत्यपर लगाम नहीं लग रही है । इसका कारण है कठोर विधानका अभाव । शासनको चाहिए कि ऐसे प्रकरणोंके विरुद्ध आजीवन कारावास जैसे कठोर दण्ड प्रदान किया जाए, जिससे ईसाई पन्थके लोग ऐसा करनेसे पूर्व बारम्बार सोचें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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