‘अंडे’ विक्रय करनेवाले व्यसनीने ‘मजार’के साथ सडकके मध्य बनाया घर, परिवादके पश्चात देहरादून ‘पुलिस’ने उठवाया ‘बोरिया-बिस्तर’


१३ मई, २०२२
      उत्तराखंडके देहरादूनमें उच्च क्षेत्रमें रिस्पना पुलके पास मार्गमें कैलाश चिकित्सालयके आगे बनी एक ‘मजार’पर कुछ लोगोंद्वारा विवाद किए जानेका चलचित्र प्रसारित हो रहा है । यहांपर हिन्दू सङ्गठनसे जुडे कुछ लोग ‘मजार’को अवैध बता रहे हैं ।
      विरोध कर रहे लोगोंका आरोप है कि इस स्थानपर विद्युत आदि भी बिना किसी मीटर या आधिकारिक अनुमतिके लगाई जा चुकी थी ।
            पडोसियोंके अनुसार आरोपी प्रायः ‘नशे’में रहता था । ‘अंडे’ विक्रेता उस व्यक्तिने ‘धीरे-धीरे’ अपना रूप परिवर्तित कर लिया और वह ‘टोपी’ और लम्बा कुर्ता पहनकर ‘मजार’के ‘खादिम’के रूपमें स्वयंको दिखाने लगा । इस मध्य वह अपने परिवारको भी वहां ले आया । कुछ समय विवादके पश्चात वह स्वयं ही ‘मजार’के ‘आस-पास’ एकत्रित किए गए अतिक्रमणको हटाना आरम्भ कर देता है । आरोपी मूल रूपसे संभल जनपदके ‘मोहल्ला’ नवाबफेर, सरायतरीनका रहनेवाला है । इस ‘मजार’का नाम उसने ‘पीर बाबाकी दरगाह’ दिया था ।
                   ‘ऑपइंडिया’ने इस विषयमें देहरादूनके नेहरू नगर ‘थाने’के ‘SHO’ से बात की तो उन्होंने बताया, “मजार नहीं हटी है; अपितु ‘मजार’पर रहनेवाला खादिम हटा है । वह अपने परिवारको वहां ला चुका था । इसीके साथ उसकेद्वारा ‘नशा’ आदि करनेकी परिवाद मिल रहा था । ‘मजार’ पुरातन है और वह अभी भी है ।”
            यह सब हिन्दुओंकी अपने धर्म और देशप्रेम जाग्रतिका ही परिणाम है । हमें उपर्युक्त प्रकरणमें यह भी स्मरण रहे कि जिहादी जिहाद फैलाने हेतु किसी भी सीमातक जा सकते हैं । जांच करके यह ‘मजार’ नामक अतिक्रमण भी हटाया जाए और आरोपीको दण्ड दिया जाए, ऐसी हम हिन्दू मांग करते हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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