गोमांस लाकर शिक्षकोंको देनेका प्रयास करनेवाली मुख्याध्यापिका बन्दी


२१ मई, २०२२
         असमके लखीमपुरके ‘हर्काचुंगी माध्यमिक इंग्लिश स्कूल’की मुख्याध्यापिका दालिमा नेसाको, विद्यालयमें भोजनके डिब्बेमें गोमांसका पदार्थ लाकर, शिक्षकोंको देनेके प्रकरणमें बन्दी बनाया गया । न्यायालयने उन्हें न्यायिक अभिरक्षामें भेजा है । नेसाद्वारा अन्य शिक्षकोंको गोमांस देनेका प्रयास करनेपर कुछ शिक्षकोंने इसका परिवाद किया । राज्य शिक्षा विभागके पदाधिकारियोंके विद्यालय ‘दौरे’के समय शिक्षकोंने मुख्याध्यापिकाका परिवाद उनसे किया । इसके उपरान्त नेसाको बन्दी बनाया गया । असममें गोमांसके क्रय-विक्रय और इसका सेवन करनेपर प्रतिबन्ध नहीं है; परन्तु हिन्दू, जैन, सिख और अन्य समुदाय जो गोमांसको निषिद्ध मानते हैं, ऐसे समुदायोंके क्षेत्रोंमें रहनेसे, साथ ही किसी भी मन्दिरके ५ कि.मी.के अन्दरके क्षेत्रमें गोमांसपर प्रतिबन्ध लगाया गया है ।
      नेसाका यह कृत्य अक्षम्य है, उसे कठोरतम दण्ड दिया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 


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