उत्तराखंडमें भी होगी अमान्य ‘मदरसों’की जांच, क्रियान्वित होंगे शिक्षा विभागके नियम


२५ मई, २०२२
             उत्तराखंडके अल्पसङ्ख्यक कल्याण मन्त्री चंदन राम दासने राज्यके सभी ४२५ ‘मदरसों’की जांचके आदेश दिए हैं । इसके लिए शिक्षा विभागको पत्र लिखा गया है कि जो ‘मदरसे’ मान्यता प्राप्त न हो, उनकी सूची भेजी जाए । मन्त्रीजीने इसके लिए एक अधिकारियोंकी ‘कमिटी’ गठित करनेका निर्देश दिया है ।
               मन्त्रीजीने बताया कि उनके पास सतत परिवाद आ रहे थे कि बिना मान्यताके अनेक ‘मदरसे’ संचालित हो रहे हैं । ऐसे ‘मदरसों’से शिक्षा ग्रहण किए छात्रोंको ६ ठी कक्षामें प्रवेश नहीं मिलता ।
              ‘कैबिनेट’ मन्त्री चंदन राम दासका कहना है कि प्रदेशमें चल रहे ४२५ ‘मदरसोंमें’ १९२ ‘मदरसों’को शासनसे अनुदान प्राप्त होता है । केन्द्रशासन व राज्यशासनकी ओरसे ‘मदरसों’को अनुदान प्राप्त होता है । जो ‘मदरसे’ बिना मान्यताके चल रहे हैं, उनका अनुदान रोका जाएगा । ‘मदरसों’में राष्ट्रगान गाए जानेके प्रश्नके उत्तरमें वे बोले कि जो ‘मदरसे’ शिक्षाविभागकी मान्यता बिना चल रहे हैं, उनपर शिक्षा विभागके नियम कैसे क्रियान्वित होंगे ? सर्वप्रथम ‘मदरसों’को शिक्षा विभागकी मान्यता प्रदान की जाएगी, उसके उपरान्त सभी शासकीय नियम मदरसोंपर क्रियान्वित करवाए जाएंगे ।
         उत्तराखंड शासनका निर्णय उचित है । मान्यताके बिना चल रहे ‘मदरसों’की शिक्षा प्रणाली उचित न होनेसे वहां शिक्षा ग्रहण करनेवाले छात्रोंको सभी विषयोंका ज्ञान नहीं दिया जाता । धर्मशिक्षाके अतिरिक्त अन्य विषयोंकी भी उचित शिक्षा आवश्यक होती है । इससे वहां शिक्षा ग्रहण करनेवाले छात्र दिशाहीन नहीं होंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
साभार : https://www.hindujagruti.org 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution