अमरनाथ यात्रासे पूर्व जिहादी आतङ्की संगठननें भेजा धमकीका पत्र
२४ मई, २०२२
इस वर्षकी अमरनाथ यात्रा ३० जूनसे आरम्भ हो रही है और ११ अगस्तको समाप्त होगी
। इसी पृष्ठभूमिपर जिहादी आतङ्कवादी संगठन ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ने धमकी भरा पत्र जारी करते हुए कहा है कि हम यात्राके विरुद्ध नहीं हैं; परन्तु तीर्थयात्री तबतक सुरक्षित हैं, जबतक वह कश्मीर प्रकरणमें सहभागी नहीं होते । वहीं, शासन अपनी अस्वच्छ राजनीतिके लिए अमरनाथ यात्राका प्रयोग करने जा रहे हैं । केवल १५ सहस्रसे ८ लाख तीर्थयात्रियोंका पंजीकरण व १५ से ८० दिनोंकी अवधि मात्र कश्मीरकी स्थितिकी संवेदनशीलताको भडकानेके लिए है । हमने देखा है कि यह ‘फासीवादी’ शासन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघको अमरनाथ यात्राकी आडमें ला रहा है ।”
४३ दिनकी अमरनाथ यात्रापर तीर्थयात्रियोंकी संख्या बढनेकी सम्भावना है । इस समय रामबन और चंदनवाडीमें बडे शिविर होंगे एवं इसे देखते हुए कडी सुरक्षा व्यवस्थाकी शासनद्वारा की जाएगी ।
हिन्दुओंके राष्ट्रमें हिन्दुओंके धार्मिक आयोजनोंपर सदैव आतङ्कियोंद्वारा भय निर्माणकर ऐसी धमकियां दी जाती हैं । इस समस्याका हल पाकिस्तानके विनाशसे ही होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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