उत्तराखंडमें कुकरमुत्तेके समान ‘पनप’ रही अवैध ‘मजारों’से संरक्षित वनोंमें जीव-जन्तुओंको हो रही है समस्या, मुख्यमन्त्री धामीका वक्तव्य
२२ मई, २०२२
उत्तराखंडमें मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामीका शासन राज्यकी अवैध ‘मजारों’पर कार्यवाही करने जा रहा है । मुख्यमन्त्री चाणक्यपुरी स्थित भोजनालय अशोकमें साप्ताहिक पत्रिका ‘पांचजन्य’द्वारा आयोजित ‘मीडिया’ महामन्थन कार्यक्रमको सम्बोधित कर रहे थे । पहाडोंपर बनती अवैध ‘मजारों’पर उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा और इसपर कार्यवाहीकी जाएगी । उन्होंने शीघ्र ही राज्यमें समान नागरिक संहिता क्रियान्वित करनेकी प्रतिबद्धता भी दोहराई । उत्तराखण्डमें ‘मजारों’द्वारा पहाडोंका अवैध अतिक्रमण निरन्तर किया जा रहा है । वहांके वन संरक्षक आरक्षित हैं, तब भी अचानक अनेक ‘मजार’ उत्पन्न हो गई है । वहीं तराई एवं भाबर क्षेत्रोंमें बीते डेढ दशकोंसे तीव्रतासे हाटोंकी संख्यामें वृद्धि हुई है । वन विभाग मुख्यालय भी इसकी जांच कर रहा है । राजाजीसे लेकर ‘कॉर्बेट टाइगर रिजर्व’में भी अवैध अतिक्रमण हुए हैं । स्थानीय लोगोंने इसका दोष वन विभागको देते हुए कहा है कि इसके कारण सन्तोंको भी समस्याओंका सामना करना पड रहा है । राज्यके मुख्य वन संरक्षकने कहा है कि सम्बन्धित सभी विभागों और संरक्षित क्षेत्रोंके निदेशकोंसे प्रतिवेदन मिलनेपर इसका अध्ययन करनेके पश्चात निर्णय लिया जाएगा; परन्तु अवैध अतिक्रमणमें किसी भी प्रकारसे यह स्वीकार नहीं किया जाएगा। ।
‘लैंड जिहाद’के माध्यमसे जिहादी समुदाय अपने षड्यन्त्रोंको सिद्ध करनेका प्रयास कर रहे हैं । शासनको चाहिए कि वह शीघ्र कार्यवाही कर इन प्रकरणोंकी जांच करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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