दूध देना बन्द करनेपर गायोंको छोड देते हैं अनाथ, ऐसे लोगोंपर उत्तर प्रदेशमें प्रविष्ट होगा परिवाद, अनाथ पशुओंके लिए निर्मित होंगे १ लाख आश्रयगृह
३१ मई, २०२२
उत्तरप्रदेशके योगी शासनने निराश्रित पशुओंपर ध्यान केन्द्रित किया है । उत्तर प्रदेशके पशुपालन मन्त्री धर्मपाल सिंहने ३० मई २०२२ को कहा कि पशुओंको निराश्रित छोडनेवाले किसानोंके विरुद्ध पशु क्रूरता रोकथाम अधिनियमके अन्तर्गत परिवाद प्रविष्ट किया जाएगा ।
उन्होंने कहा कि पशु ‘आवारा’ नहीं होते उन्हें त्याग दिया जाता है । एक गाय जबतक दूध देती है, उसे आश्रय दिया जाता है । दूध देना बन्द करते ही उसे निराश्रित छोड दिया जाता है । अपने दूसरे कार्यकालके प्रारम्भमें ही योगी शासनने इस ओर ध्यान दिया है । प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीजीने विधानसभा चुनाव प्रसारके समय इस समस्याके समाधानका भरोसा दिलाया था ।
उत्तर प्रदेश शासनकी आगमी ६ माहमें निराश्रित पशुओं हेतु बने आश्रयगृहोंकी सङ्ख्या १ लाख पशुओं हेतु करनेकी है । १०० दिनोंके भीतर ५०००० पशुओं हेतु आश्रयगृह बनेंगे ।
शासन ‘बायोगैस’ संयन्त्र भी स्थापित करेगा । इसमें गायके गोबरसे ‘सीएनजी’ बनेगी । किसान दूध न देनेवाली गायोंका गोबर विक्रयकर सकेंगे ।
शासनका यह पग प्रशंसनीय है । इससे निराश्रित पशु समस्याका समाधान तो होगा ही, पशुवधपर भी अंकुश लगेगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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