जिसने रचा था कानपुर हिंसाका षड्यन्त्र, उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’ने उस जफर हयात हाशमीको ‘दबोचा’
०४ जून, २०२२
कानपुर हिंसा प्रकरणकी षड्यन्त्र रचनेवाला जफर हयात हाशमीको बन्दी बना लिया गया है । उससे पूछताछ ‘जारी’ है । हयात जफर हाशमीपर हिंसा फैलाने और लोगोंको उकसानेका आरोप है । जफर हयात हाशमीने ‘फेसबुक पोस्ट’के माध्यमसे लोगोंको कानपुरमें हाट (बाजार) बन्द करने और ‘जेल भरो आन्दोलन’की मांग की थी ।
कानपुरमें शुक्रवारको ‘जुमे’की ‘नमाज’के पश्चात हिंसा भडकी । एक ‘न्यूज डिबेट’में ‘बीजेपी’की प्रवक्ता नूपुर शर्माने कथित रुपसे ‘पैगम्बर’ मुहम्मदके विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी कर दी थी, जिसको लेकर अल्पसंख्यक समुदायके लोग रूष्ट थे । इसके विरोधमें मुसलमान पक्षने ‘जुलूस’ निकाला था । इस मध्य हिंसा भडक गई ।
वहीं, कानपुर ‘पुलिस’ आयुक्त विजय मीणाका कहना है कि प्रशासनसे बातचीतके लिए बन्दकी घोषणाको ‘वापस’ ले लिया गया था; किन्तु शुक्रवारको ‘नमाज’के पश्चात अकस्मात हिंसा फैल गई । ‘एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन’के अध्यक्ष हयात जफर हाशमी सहित कुछ स्थानीय नेताओंने बन्दका आह्वान किया था । उन्होंने कहा कि इस घटनामें सम्मिलित किसी भी षड्यन्त्रकर्ता या संगठनको ‘बख्शा’ नहीं जाएगा ।
जफर हयात हशामी, ‘मौलाना मुहम्मद जौहर अली फैंस एसोसिएशन’का संचालक है । इसके पूर्व उसका नाम ‘CAA-NRC’के विरोधमें हुए हिंसक प्रदर्शनमें भी सामने आया था । इस प्रकरणमें कानपुरके कर्नलगंज ‘थाने’में जफर हयात हाशमीके विरुद्ध प्राथमिकी प्रविष्ट हुई थी ।
कानपुर हिंसाके आरोपी जफर हयात हाशमीको कठोर दण्ड दिया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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