मुख्यमन्त्री पिनाराई विजयनने ‘सीएए’को बताया धर्मनिरपेक्षताके विरुद्ध, राज्यमें क्रियान्वित न करनेके दिए संकेत
०६ जून, २०२२
केरलके मुख्यमन्त्रीने गुरुवार, ३ जून २०२२ को कहा कि उनका शासन नागरिक संशोधन अधिनियमको (‘सीएए’को) क्रियान्वित नहीं करेगा । अपने शासनकी प्रथम वर्षगांठके लिए आयोजित एक समारोहमें बोलते हुए उन्होंने कहा, “नागरिकता संशोधन अधिनियमपर शासनकी स्पष्ट स्थिति है । यह जारी रहेगा ।” उन्होंने कहा कि महत्त्वपूर्ण पदोंपर बैठे लोगोंने स्पष्ट कहा है कि विधान क्रियान्वित किया जाएगा ।
उन्होंने आगे यह भी कहा, “इस प्रकरणमें उनके राज्य शासनकी भी स्पष्ट स्थिति है । इसमें कोई परिवर्तन नहीं होगा ।” अपनी बातको जारी रखते हुए विजयनने कहा कि यहां किसीको भी धर्मके आधारपर नागरिकता प्रदान करनेका अधिकार नहीं है । राज्यने संवैधानिक सिद्धान्तोंके आधारपर इसमें अपना मत व्यक्त किया है । उल्लेखनीय है कि गत माह केन्द्रीय गृहमन्त्री अमित शाहने बंगालके सिलीगुडीमें कहा था कि ‘कोरोना’ महामारी समाप्त होनेके पश्चात विधान क्रियान्वित किया जाएगा ।
भारतमें तुष्टीकरणकी राजनीतिके कारण अनेक राजनीतिक दल सत्ता समेटकर बैठे हुए हैं; परन्तु अब आनेवाले हिन्दू राष्ट्रमें ऐसे हिन्दूद्रोही दलोंका अस्तित्व भी नगण्य होगा व हिन्दू हितोंमें कार्य करनेवाले दल ही दृष्टिगत होगें । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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