व्यवसायी महिलाके साथ ‘लव-जिहाद’ : राहुल जैन बनकर वसीम खाननेकी मित्रता, २ वर्षमें अनेक बार दुष्कर्म, भाई नसीमने भी किया बलात दुष्कर्मका प्रयास
१४ जून, २०२२
राजस्थानकी राजधानी जयपुरसे ‘लव-जिहाद’का प्रकरण उजागर हुआ है । व्यवसायी महिलाको युवकने अपने जालमें फंसाकर उसके साथ अनेक बार दुष्कर्म भी किया । आरोपितका नाम वसीम खान है, जिसने राहुल जैन छद्म नाम रखकर ३४ वर्षीय महिलाको अपने जालमें फंसाया । पीड़िता ‘ऑनलाइन’ वस्त्रोंका व्यापार करती है । आरोपितने उसे २ वर्षोंसे अविवाहित सम्बन्धमें रखा हुआ था । यह घटना जयपुरके वैशालीनगर ‘थाना’ क्षेत्रकी है । ‘पुलिस’ने चिकित्सीय जांच करवाई है ।
दैनिक भास्करके समाचारके अनुसार, ‘थाना’ अध्यक्ष हीरालाल सैनीने जानकारी दी कि खातीपुरा वैशाली नगरकी रहनेवाली महिलाने ‘थाने’में प्रतिवेदन प्रविष्ट कराया है । वह अपने पतिसे सम्बन्ध विच्छेदके उपरान्त दो बच्चोंके साथ यहांपर रहती है । २०२० में ‘फेसबुक’से उसकी मित्रता एक युवकके साथ हुई, बातचीतके मध्य दोनोंने एक-दूसरेको अपना दूरभाष क्रमाङ्क दिया । पतिसे सम्बन्ध विच्छेदके बारेमें पता चलनेके उपरान्त युवकने महिलासे मिलनेकी इच्छा व्यक्त की ।
मई २०२० में वसीम खान उससे मिलनेके लिए जयपुर आया था । युवकने उससे विवाहका प्रस्ताव रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया । आरोपितने ‘लालच’ दिया कि वह उसके साथ रहकर उसके व्यापारमें भी हाथ बंटाएगा व सहायता करेगा । अविवाहित सम्बन्धमें रहकर दोनों साथ-साथ व्यापार भी करने लगे । आरोप है कि २ वर्ष साथ रहनेके समय वसीम खानने उसके साथ अनेक बार दुष्कर्म किया । एक सप्ताह पूर्व आरोपित उसे अपने घर मेरठ भी ले गया था ।
मेरठमें पीडिता उसके साथ २ दिनोंतक रही । ‘पुलिस’ने जानकारी दी है कि घरमें एक बार महिलाको अकेला पाकर वसीम खानके छोटे भाईने भी उसके साथ दुष्कर्मका प्रयास किया । कोलाहल करनेपर वह भाग गया । उसी मध्य महिलाको कथित राहुल जैनकी वास्तविकता भी पता चली । वसीमके भाईका नाम नसीम खान है, जिसने पीडिताके साथ उद्दण्डता की । ११ जूनको सवेरे ५ बजे भागकर वह किसी प्रकार जयपुर पहुंची । अब आरोपित उसके बच्चोंकी हत्याका भयदर्शनकर पुनः बुला रहे हैं ।
जिहादी दिन प्रतिदिन छद्म नाम रखकर हिन्दू युवतियोंका जीवन नरक बना रहें हैं । इसके लिए कहीं न कहीं सामाजिक जागरूकता एवं नैतिक मूल्योंका ह्रास एवं एकल परिवार हैं । आवश्यकता है कि सनातन संस्कृतिके अनुसार पुनः कुटुम्ब व्यवस्था क्रियान्वित हो और यह सब हिन्दू राष्ट्रमें ही सम्भव है; अतः हम सभी साधनाका बल बढाएं और हिन्दू राष्ट्रके लिए प्रयत्नशील हों । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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