
सामान्यतया शिक्षण पूर्ण करनेपर जो उपाधि मिलती है वह सदैव ही हमारे पास रहती है | मात्र कभी कोई अधिवक्ता( वकील) या चिकत्सक (डॉक्टर )कोई अक्षम्य अपराध करे तो ही उसकी उपाधि (पदवी )ले ली जाती है | परंतु अध्यात्ममें आध्यात्मिक स्तर साठ प्रतिशत हो या सत्तर प्रतिशत या उसके भी आगे तथापि वहांसे कोई भी नीचे गिर सकता है | – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले
I am in total agreement with His Holiness. It is like an air pocket which drags down an aircraft several thousand feet below.