कहां चौदह सहस्र वर्ष राज्य करनेवाले प्रभु श्रीराम और कहां पांच वर्षमें प्रजाद्वारा सत्ताच्युत होनेवाले आजके राजकीय पक्ष !
सत्ताधारी पक्ष यदि चुनावमें हार गए तो उसका अर्थ है कि उन्होंने राज्यके कार्यभारका योग्य प्रकारसे निर्वाह नहीं किया | ऐसे पक्षको मात्र सत्ताच्युत करनेसे उन्हें दंड नहीं मिलेगा अपितु प्रजाकी अपरिमित हानि करने हेतु उन्हें अत्यधिक कडा दंड देना चाहिए | – परात्पर गुरु परम पूज्य डॉ. जयंत आठवले |
सौजन्य से – http://www.dainiksanatanprabhat.blogspot.in/
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