द्वाविमौ पुरुषव्याघ्र सूर्यमण्डलभेदिनौ ।
परिव्रान्ङ योग्युक्तश्च रणे चाभिमुखो हतः ।। – विदुर नीति
अर्थ : दो प्रकारके व्यक्ति सूर्यमण्डलको भेदनेकी क्षमता रहते हैं अर्थात् प्रसिद्धि या यश पाते हैं एक योगसे युक्त सन्यासी और दूसरा रणभूमिमें वीरताके साथ मारा गया योद्धा !
Leave a Reply