हमारे इस धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र पर प्रतिवर्ष आनेवली भीषण प्राकृतिक आपदाएं – सूखा, बाढ, भूकम्प, भू-स्खलन, सूनामी इत्यादि यह संकेत करती है कि इस देशके राजा और प्रजा दोनोंके अधर्मी हो जानेके कारण प्रकृति हमें दंड दे रही है ! और इसका पर्याय एक ही है , वैदिक सनातन धर्म अधिष्ठित राष्ट्र प्रणालीकी स्थापना, जहां राजा और प्रजा दोनों ही धर्माचरणी होंगे और जहां सृष्टिके संचालन करनेवाले सभी प्रकृतिक तत्त्वोंको यज्ञके माध्यमसे प्रतिदिन अर्विभाव अर्पित कर उन्हें संतुष्ट और प्रसन्न रखा जाएगा ! – तनुजा ठाकुर
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