कृष्ण स्तुति


गतं पापं गतं दुःखं गतं दारिद्र्यमेव च ।
आगता सुखसंपत्तिः पुण्याच्च तव दर्शनात् ।।
अर्थ :
हे प्रभु, आपके दर्शनसे हमारे पूर्व पाप , शोक, दारिद्र्यका नाश हो, सुख-संपत्ति और पुण्यका आगमन हो जाता है, आपको नमन है !

 



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