
भारतमें १८ करोड ४४ लाख गायें हैं । विश्वकी सर्वाधिक गायें भारतमें हैं । भारतकी देशी गायोंका महत्त्व समझनेके लिए ‘मदर इंडिया फादर ब्राजील’ नामक पुस्तक पढें । ब्राजीलमें हमें कहीं भी जर्सी गाय अथवा संकरित गाय नहीं मिलेंगी । वहां मात्र भारतीय देशी गायें ही मिलेंगी । वहां उसे ‘झेबु गाय’ कहते हैं । एक भारतीय गिर गायका मूल्य अंतरराष्ट्रीय बाजारमें ३५ लाख रुपए है, ब्राजीलमें एक गिर गाय प्रतिदिन ४८ लीटर दूध देती है । भगवान श्रीकृष्णसे गिर गायका नाता बताया गया है, जबकि हमें खरी भारतीय देशी गिर गाय क्रय करनी (खरीदनी) हो, तो ब्राजील जाना पडेगा ।
वर्ष १९६८ में जवाहरलाल नेहरूके आग्रहपर भारतीय नेताओंने गिर गाय एवं बछडे ब्राजीलको बेच दिए । ब्राजीलमें भारतीय देशी गिर गाय लाकर वहांकी अर्थव्यवस्थाको गत ४० वर्षोंमें सुदृढ करनेके लिए भारतीय वैज्ञानिक, श्री. प्रताप सिंहको ब्राजीलके राष्ट्रपतिने सम्मानित किया है । अब हमें ब्राजीलके लोग आकर सिखाएंगे कि भारतीय देशी गायोंका पुनरुत्पादन तथा पालन कैसे करें ? अब भी संकरित गायोंकी उत्पत्तिके लिए हम गुजरातसे नहीं, अपितु ब्राजीलसे वीर्य खरीद रहे हैं । एक डोज (खुराक)का मूल्य लगभग ३५० रुपए है । – तनुजा ठाकुर
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