
कुछ छोटे स्तरके फिल्मी निर्देशकोंने मुझपर documentary फिल्म बनानेका मुझसे अनुरोध कर चुके है और वैसे ही अनेक पत्रकार भी मेरे बारेमें छापनेकी इच्छा दर्शाई है, कुछ तो मेरे जीवन चरित्र भी लिखने हेतु मुझसे संपर्क कर चुके हैं; परंतु मेरे बारेमें फिल्में बनाकर या छापकर क्या मिलेगा, आज जब सर्वत्र धर्मग्लानि हो रही है , हिन्दू संतोंपर अत्याचार हो रहा है, देवी-देवताओं और संतोंकी फिल्मों एवं धारावाहिकोंमें उपहास किया जा रहा है , राष्ट्र धू -धू कर जल रहा है, सर्वत्र भ्रष्टाचार और व्याभिचार अपने चरम पर है , तो इसके विषयमें अपने विशेष ईश्वर प्रदत्त लेखन या निर्देशनकी कलासे जन जागृति करना कालानुसार अधिक योग्य है, व्यक्तिके प्रचार -प्रसारसे विशेष कुछ न तो साध्य हुआ है और न ही हो सकता है ! अतः व्यक्ति निष्ठ नहीं तत्त्वनिष्ठ बनें !-तनुजा ठाकुर
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