दुर्गा स्तुति
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः
स्वस्थ्यै स्म्रिता मतिमतीव शुभां ददासि ।
दारिद्र्यदुःख भयहारिणी का त्यदन्या
सर्वोपकार करणाय सदाद्रचित्ता ।
अर्थ : हे मां दुर्गा, जो आपको संकट कालमें स्मरण करते हैं उनके सभी भयका आप हरण कर लेती हैं । जो सुखद कालमें आपका स्मरण करते हैं, उन्हें आप सुमति प्रदान करती हैं । हे मां, आप ही दुख, द्ररिद्रता, भयका नाश करनेवाली हैं, आपका चित्त सर्व जीव मात्रके कल्याणसे ओतप्रोत हैं ! आपको सादर नमन है ।
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