धर्म क्या है ?


धारणाद्धर्ममित्याहु: धर्मो धारयते प्रजा: ।
यस्याद्धारणसंयुक्तं स धर्म इति निश्चय: ।।

अर्थ – धर्म शब्दकी उत्त्पत्ति धारणा शब्दसे हुई है। धर्म ही प्रजाको या समाजको धारण कर रखता है। अतः जो व्यक्तिको सांघिक रूपसे धारण कर सके, वह निश्चय ही धर्म है।



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