किसी भी देशकी संपन्नता एवं विकासका एक मुख्य घटक होता है स्त्रीका सुरक्षित होना |


मैकालेकी शिक्षण पद्धतिके प्रशंसक और आधुनिकताके रंगमें रंगे भारतीय, जो अमरीकाको अपना आदर्श मानते हैं, उन्हें यह बताना चाहेंगे कि अमरीका स्त्रियोंके लिए सुरक्षित स्थान नहीं है । किसी भी देशकी सभ्यता एवं विकासका एक मुख्य मापदण्ड होता है – उस देशमें स्त्रीका सुरक्षित होना । राम राज्यमें आभूषणोंसे सजी स्त्रियां निर्जन स्थानमें भी निर्भीक विचरण कर सकती थीं, ऐसा रामायणमें उल्लेख है ।
  परंतु जिस देशको अर्थात अमरीकाको, अनेक भारतीय अपने स्वप्नका देश अर्थात आदर्श देश मानते हैं, वहां प्रत्येक पांचमें एक स्त्री अपने जीवन कालमें बलात्कारकी शिकार हुई हैं, ऐसा वृत प्रकाशित हुआ है ! आश्चर्य एवं लज्जित करनेवाला तथ्य यह है कि इनमें आधीसे अधिक अमेरिकी स्त्रियां अठारह वर्षकी आयुसे पहले ही बलात्कारकी शिकार हो चुकी होती हैं । यह सब तथ्य ‘व्हाइट हाउस’के एक ब्यौरेमें सामने आया ।
हमारे स्वतन्त्र भारतके निर्माताओंने भी ऐसे ही विकसित राष्ट्रोंका आदर्श रखकर, ऐसी समाज व्यवस्थाका निर्माण कर चुके हैं कि आज कोमल बालिकाओंसे लेकर वृद्ध स्त्रियां भी अपने घर व बाहर सुरक्षित नहीं हैं । आज भारत भी अमरीकाके मार्गपर चलकर अंधे कुएंकी ओर बढ रहा है ! ‘यत्र नारी पूज्यन्ते’वाले देशमें आज स्त्री तो क्या, बालिकाएं अपने ही घरमें सुरक्षित नहीं हैं ! अतः सनातन धर्म अधिष्ठित राज्य प्रणाली ही आदर्श राष्ट्र प्रणाली है एवं हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना एक मात्र पर्याय है, जहां धर्म एवं नैतिक मूल्यकी शिक्षा लेना और देना प्रत्येकके लिए अनिवार्य होगा और प्रत्येक नारीका वर्तन समाजके लिए आदर्श होगा और नारी सुरक्षित भी होंगी !



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