
विद्वान् पथः पुरएत ऋजु नेषति । – ऋग्वेद
विद्वान गण पुरोगामी होकर सरल पथसे मनुष्योंका नेतृत्व करें।
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रयिं जागृवांसो अनुग्मन्। – ऋग्वेद
जागरुक जन ऐश्वर्य पाते हैं।
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श्रद्धायाग्निः समिध्यते श्रद्धया हूयते हविः। – ऋग्वेद
श्रद्धासे ब्रह्म तेज प्रज्वलित होता है और श्रद्धापूर्वक ही हवि अर्पण किया जाता है।
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