श्रीगुरु उवाच


 कहां अर्थ और कामपर आधारित आजका विवाह, तो कहां साधनाको केन्द्र बिंदु मानकर किये जानेवाले धर्मानुसार विवाह !

धर्मानुसार विवाह धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष यह चार पुरुषार्थ साध्य करनेके लिये होता है । आजके विवाहमें मात्र अर्थ और कामको ही स्थान है, इसलिये आर्थिक स्थिति  देखकर एवं कामपूर्ति हेतु विवाह होते हैं, इनमें मानसिक आधारका भी थोडा स्थान होता है; परन्तु धर्म और मोक्षका कोई स्थान नहीं होता ।  – परम पूज्य डॉ. जयंत आठवले (१६.१०.२०१२)



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