राजनीतिज्ञोंका अहंकार !
हिन्दू जनजागृति समिति एवं सनातन संस्थाद्वारा आयोजित विशाल धर्मसभा हेतु पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरी पीठाधीश्वर श्रीमत् जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज मुंबई, गोवा और पुणे आए थे ।उनके आनेकी सूचना कई राजनेताओंको दी गई थी । उनमेंसे अत्यल्प व्यक्ति उनके दर्शन हेतु आए । अधिकतरको अहंकार था कि शंकराचार्य स्वामीजीको उनसे मिलने आना चाहिए । इसका फल उन्हें भोगना होगा । -परात्पर गुरु डॉ जयंत आठवले(२६.११.२०१३)
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