श्रीगुरु उवाच


Guru & shisyमैं साधकोंके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं !

मेरा हिन्दू राष्ट्रका स्वप्न सत्य होनेके लिये १०० संतोंकी आवश्यकता है संतोंद्वारा प्रक्षेपित होनेवाले सत्त्वगुणके कारण पृथ्वीपर रजतमका प्रदूषण न्यून होकर हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना और जगभरमें हिन्दु धर्मका प्रसारकार्य सुलभ होगा अब तक ४२ संत हुए हैं ४९१ साधक ६० प्रतिशतसे अधिक स्तरके हैं उनकी शीघ्र गतिसे प्रगति होगी २०१८ में युद्ध आरम्भ होनेसे पूर्व लगभग २०० साधक संत हो चुके होंगे साधक तन, मन, धनका त्यागकर, मनःपूर्वक साधना कर रहे हैं, इसलिए मेरा स्वप्न साकार होनेवाला है इसलिये मैं साधकोंके प्रति कृतज्ञ हूं परात्पर गुरु  डॉ. जयंत आठवले



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