पटाखोंको अनुमति देनेवाली सर्वपक्षीय सरकारें समाजद्रोही, राष्ट्रद्रोही एवं धर्मद्रोही हैं !
पटाखोंके कारण अब्जों (अरबों) रूपये अक्षरशः जल जाते हैं एवं इससे पर्यावरण एवं आरोग्यकी अपरिमित हानि होती है, साथ ही जब जनता अत्यधिक दारिद्र्यमें दिन काट रही है तो, स्वतंत्रतासे लेकर आजतक सर्वपक्षीय सरकारोंने पटाखोंकी अनुमति कैसे दी ? यह समाजद्रोह, राष्ट्रद्रोह एवं धर्मद्रोह है ।- परम पूज्य डॉ. जयंत आठवले (३१.८.२०१४)
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