राजाके सृजनका कारण
अराजके हि लोकेऽस्मिन् सर्वगे विद्रुतो भयात् ।रक्षार्थंमस्य सर्वस्य राजानमसृजत्प्रभुः ।। – मनुस्मृति
अर्थ : इस संसारमें राजाके नहीं होनेपर बलबानोंके भयसे लोग भयाक्रांत हो, इधर-उधर भागने लगते हैं । इसी कारणसे भगवानने राजाकी सृष्टि की ।