
योग एवं प्राणायाम करनेसे पूर्व यदि योग्य प्रकारसे प्रार्थना की जाए तो उसकी परिणामकारकता और अधिक सूक्ष्म रूपसे सिद्ध होती है और उसका परिणाम स्थूल एवं सूक्ष्म देह दोनोंपर ही देखे जा सकते हैं । योग एवं प्राणायामसे पूर्व इस प्रकार प्रार्थना करें । “हे अदियोगी शिव, आप ही हमसे योग एवं प्राणायामका यह सत्र निर्विघ्न करवा कर ले लें । इसके माध्यमसे मेरी प्राणशक्तिमें वृद्धि हो, मेरी स्थूल देहमें जो भी काली शक्ति हो, वह इसके माध्यमसे अधिकसे अधिक प्रमाणमें नष्ट हो एवं मेरी देह साधना हेतु पोषक एवं स्वस्थ बने, ऐसी आपके चरणोंमें प्रार्थना है |” -तनुजा ठाकुर (९.१.२०१४)