शब्दातीत अध्यात्मकी अनुभूति हो जानेपर शब्दोंका नहीं रह जाता कोई महत्व


शब्दातीत अध्यात्मकी अनुभूति हो जानेपर शब्दोंका कोई महत्व नहीं रह जाता;  परंतु यह भी एक कटु सत्य है कि आध्यात्मिक यात्राकी शुभारम्भ शब्दजन्य जानकारीसे ही होती है | – तनुजा ठाकुर

 



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution