आनन्दकी अनुभूति हेतु अन्तर्मुखता आवश्यक


एक साधकने कहा कि पहले मैं साधकोंके संग हंसी-ठिठोलीकर अपना मन प्रसन्न रखता था; परन्तु जबसे आपने यह सब करनेके लिए मनाकर अन्तर्मुख रहनेके लिए कहा है, तबसे मनमें घुटन रहती है और यही सोचता रहता हूं कि मुझसे कोई चूक न हो ! मैंने उस साधकको उपहास करनेके लिए इसलिए मना किया था; क्योंकि उनके मनमें सदैव यही विचार रहता था कि किसी भी प्रसंगमें कुछ ऐसा बोला जाए कि सब हंस पडें, इससे कई बार कुछ ऐसी बात बोल जाते थे जो उन्हें नहीं बोलना चाहिए या कभी ऐसी कोई बात बोल देते थे जिससे अगले व्यक्तिका मन दुःखी हो जाता था और उनकी यह प्रवृत्ति देख अन्य साधक भी बात-बातमें हंसी-ठिठोली करने लगे थे, जिससे सभीकी बहिर्मुखता बढने लगी थी । कभी कभी हंसी-ठिठोली करना सही है; किन्तु यदि दिनमें अनेक बार यह किया जाए तो इसका अर्थ है कि सबका ध्यान आकृष्ट करने हेतु एवं प्रशंसा पाने हेतु यह सब किया जा रहा है और इससे भी अहंको बल मिलता है; अतः यह सब करने हेतु मना किया था । इस साधकका आध्यात्मिक स्तर पचास प्रतिशत है, ऐसेमें यदि वह अन्तर्मुख हो जाएं तो उनकी सेवाकी परिणामकारकता भी बढ जाएगी और चूकें अल्प होंगी, मनमें नामजप चलने लगेगा और इस कारण उनकी पिछले जन्मकी साधना भी जागृत हो जाएगी और वे आनन्दी रहने लगेंगे ! मैंने उन्हें उपहास करने हेतु इसलिए मना नहीं किया था कि वे अन्दर ही अन्दर घुटने लगें ! गुरुकार्यको अन्तःकरणसे करनेसे सेवा होती है और सेवाका परिणाम आनन्द है ! अन्तर्मुखता बढनेसे विश्वमन और विश्वबुद्धिसे स्वतः ही मार्गदर्शन मिलने लगता है और चूक होनेसे पहले ही ईश्वर उसके विषयमें मार्गदर्शन करते हैं ! और यदि चूक हो गई तो वृत्ति अन्तर्मुख होनेके कारण वह स्वतः ही स्वीकार्य होकर पुनः उस प्रकारकी चूक नहीं होगी ! उस साधकके यह कहनेपर कि मुझे मौन रहनेसे घुटन होती है, मुझे समझमें आया कि उन्हें सब कुछ और सुस्पष्ट रूपसे बताना होगा ! इस लेखसे अन्य साधक, जो हंसने-हंसानेमें अपना समय व्यय करते हैं, वे भी अवश्य ही कुछ सीखेंगे, यह आशा करती हूं ! अपना सर्वस्व समर्पितकर सेवा करनेके कारण आनन्दकी अनुभूति सदैव होती है; अतः सेवाके सभी अंगोंको आत्मसातकर आनन्दमें रहनेका प्रयास करें ! गुरु और गुरुसेवा दोनों ही आनन्द प्रदान करनेवाले होते हैं और आनन्दसे कभी भी घुटन नहीं होती है ।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution