उत्तिष्ठ कौन्तेय !


जम्मू और कश्मीरके पूर्व मुख्यमन्त्री फारुक अब्दुल्लाने श्री नरेन्द्र मोदीसे भारतकी ओरसे एकपक्षीय युद्ध विराम करनेको कहा है । हमारे भारतीय सैनिकोंको पाकिस्तानके सैनिक और आतंकवादी प्रतिदिन घात लगाकर मृत्युके घाट उतारते रहते हैं और हमारे देशके राजनेता तब भी ऐसे राष्ट्रद्रोही सुझाव देते हैं, इससे बड़ी लज्जास्पद बात और क्या हो सकती है ? उनकी यह मानसिकता, क्या उनके पाकिस्तान-प्रेमको नहीं दर्शाती है ? क्या आज कश्मीरकी इस भयावह स्थितिके लिए ऐसे ही राजनेता उत्तरदायी नहीं हैं ? हम भारतीय, युद्धके कभी पक्षधर नहीं रहे हैं; किन्तु यदि कोई हमारे देशकी सम्प्रभुता और अखण्डतापर पुन: पुन: आघात करता हो तो हम ऐसे धूर्त और नीच शत्रुओंका मुंहतोड उत्तर देना भी जानते हैं तथा अब किसी भी मूल्यपर पाकिस्तानके साथ सदवर्तन करना, भारतके लिए अपने पांवपर कुल्हाडी मारने समान होगा ! (१२.५.२०१७)



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