उत्तिष्ठ कौन्तेय !
स्त्रियोंके लिए असुरक्षित भारत !
एक सर्वेक्षण अनुसार भारतमें प्रतिदिन ८९६ महिलाएं किसी न किसी अपराधसे त्रस्त होती हैं ! देश भरमें ५२ % युवतियोंके साथ घरसे विद्यालय आता या जाते समय छेडछाड होती है । प्रतिदिन ९४ महिलायोंका बलात्कार होता है एवं १६२ महिलाओंका अपहरण होता है । यह सब हमारी आसुरी एवं निधर्मी मैकाले शिक्षण पद्धतिका ही परिणाम है । इस स्थितिको परिवर्तित करने हेतु माता-पिता अपने सन्तानोंमें नैतिकता, धर्म एवं साधनाके संस्कार जब तक बाल्यकालसे अंकित नहीं करेंगे एवं हमारी शिक्षण व्यवस्था वैदिक प्रणाली अनुसार नहीं होगी, कितने भी ‘एंटी रोमियो स्क्वाड’ बना लिए जाएं, कितने भी विधान(कानून) पारित कर लिए जाएं, यह स्थिति नहीं परिवर्तित होनेवाली है ! इसपर उपाय स्वरुप महिला विद्यालयोंमें स्वसंरक्षण प्रशिक्षण वर्ग त्वरित आरम्भ करना चाहिए एवं कामुकता प्रसारित करनेवाले सभी प्रसार साहित्य, नाटक, चित्रपटको त्वरित प्रतिबंधित करना चाहिए । किन्तु भारतमें यह परिवर्तन इस निधर्मी लोकतंत्रमें संभव नहीं; अतः हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना शीघ्र अति शीघ्र करना अपरिहार्य हो गया है !
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