उत्तिष्ठ कौन्तेय !


वृत्त प्रकाशित हुआ है कि कश्मीरमें मुठभेड स्थलपर सुरक्षाबलोंके अभियानोंको बाधित करने हेतु पथराव करनेवालोंको जुटानेके लिए लगभग ३०० व्हाट्सएप गुटोंका उपयोग किया जा रहा था । पुलिसकी एक सूचना अनुसार अब इनमेंसे ९०% गुटोंको बन्द करवा दिया गया है । ऐसे स्थानोंपर जहां खुलकर राष्ट्रद्रोह हो रहा हो, वहां अन्तर्जाल (इन्टरनेट) की सुविधा दी ही क्यों जाती है ? कश्मीरमें जबतक स्थिति सामान्य न हो जाए अन्तर्जालकी सुविधाको सामान्य लोगोंके लिए पूर्णत: प्रतिबन्धित कर देना चाहिए । हमारे लिए, राष्ट्र-रक्षा एवं हमारे सैनिकोंकी रक्षा करना सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण है, इस हेतु यदि सामान्य व्यक्तिको थोडे कालके लिए कष्ट हो तो उसे राष्ट्रहित हेतु सहन करना, राष्ट्रधर्म है । (२४.४.२०१७)



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