आजके हिन्दुओंको प्रताडित करनेवाले सभी समाजकण्टक, दुर्जनके रूपमें आगामी हिन्दू राष्ट्रके इतिहासमें पाएंगे स्थान !
स्वतन्त्रता पूर्व जिसप्रकार अंग्रेजी राज्यकर्ता, पुलिस एवं प्रशासन, भारतके स्वतन्त्रता सेनानियोंके साथ नृशंस वर्तन कर इतिहासमें स्वयंको एक दुर्जनके रूपमें स्थापित कर चुके हैं, उसी प्रकार आगामी हिन्दू राष्ट्रके इतिहासमें आजके सभी हिन्दूविरोधी तत्त्व, जो हिन्दू सन्तों, साधकों, हिन्दू राष्ट्रप्रेमी, हिन्दुत्ववादियों, गोरक्षकोंको भिन्न प्रकारसे प्रताडित कर रहे हैं, दुर्जनके रूपमें इतिहासमें अंकित किए जाएंगे !
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