निवर्तमान राष्ट्रपतिके कृतध्न वक्तव्यका हम निषेध करते हैं !
जाते जाते उपराष्ट्रपति हामिद अंसारीने इस देशके प्रति अपनी कृतध्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस देशमें मुसलमान असुरक्षित अनुभव कर रहा है । जिस व्यक्तिको हिन्दू बहुल देशने मुसलमान होते हुए भी शीर्ष पदोंमें से एक पदपर अर्थात् उपराष्ट्रपति पदपर विराजमान होनेका सौभाग्य दिया, उनके मुखसे इसप्रकारके शब्द उनकी इस देशके प्रति कृतध्नताको दर्शाती है। हम उनसे यह विनती करते है कि यदि उन्हें इस देशमें मुसलमान असुरक्षित लग रहे हैं तो वे सबके साथ किसी इस्लामी राष्ट्रमें चले जाएं जहां एक पंथके मुसलमान दूसरे पंथको मारने हेतु सदैव तत्पर रहते हैं और वहां कोई सप्ताह नहीं होता जब मुसलमान आपस में लडकर या आत्मघाती आक्रमणमें मरते न हों। विश्वमें इतने सारे इस्लामी राष्ट्र हैं, आज तक किसी भी राष्ट्र में एक हिंदु ,इस प्रकार शीर्ष पदपर आसीन नहीं हुआ है , इसके विपरीत वहां हिंदुओंके ऊपर नृशंस अत्याचार वंश-विच्छेदका कुकर्म निरन्तर हो रहा है। इसके विपरीत इस देश में ऐसा एक भी दिन नहीं होता जब इस देशमें रहने वाले मुसलमान कहीं न कहीं हिन्दुओंपर या गौ मातापर, या हमारे अस्थास्थानपर या या हमारे सैनिकोंपर आघात न करते हों तब भी हम हिन्दू अपनी सहिष्णुताका परिचय देकर उन्हें यहाँ सम्मान एवं सुखपूर्वक रहने दे रहे हैं , ऐसेमें श्री हामिद अंसारीके मुखसे इसप्रकारकी आलोचना, उनकी भेदभावपूर्ण इस्लामी कट्टर वृत्तिको दर्शाती है । हम उनके इस वक्तव्य और वृति दोनों का निषेध करते हैं। (१०.८.२०१७)
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