नाभिमें तेल लगानेके लाभ


नाभि शरीरका केन्द्र बिन्दु होता है । मुखकी सुन्दरता और शरीरकी वेदनाके लिए हम बहुत प्रयोग करते हैं और बहुत औषधियोंका सेवन भी करते हैं । यदि हमें ज्ञात हो कि इतना सब करनेके स्थानपर एक अति सुक्ष्म प्रयोग हमारी वेदना और शरीरके स्वास्थ्यके लिए गुणकारी हो सकता है तो हम अवश्य ही वह करना चाहेंगे । ऐसा ही एक सस्ता प्रयोग है नाभिमें तेल लगाना । सरसोंके तेलमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शारीरिक वेदनाको नष्ट करनेका कार्य करते हैं । जोडोंकी वेदना (दर्द) हो या कानकी, सरसोंका तेल एक औषधिके समान कार्य करता है । नाभिमें तेल लगाने हेतु बादाम, नीम, नारियल, जैतून और सरसोंके तेल आदि लाभकारी होते हैं । तेलके स्थानपर बहुतसे रोगोंमें देसी घी, मक्खन आदिका भी प्रयोग होता है ।
. प्रजनन क्षमता : नाभि प्रजनन तन्त्रसे जुडी हुई होती है | इसलिए नाभिमें तेल लगानेसे प्रजनन क्षमता विकसित होती है | नारियल या जैतूनके तेलको नाभिमें लगानेसे महिलाओंके अन्त:स्राव सन्तुलित होते है और गर्भधारणकी सम्भावना बढती है | नाभिमें तेल लगानेसे पुरुषोंके शरीरमें शुक्राणुओंकी वृद्धि और सुरक्षा होती है |
. नाभिकी स्वच्छता : नाभिकी नियमित रूपसे स्वच्छता बहुत आवश्यक है | इसके लिए कुसुम, जोजोबा, अंगूरके बीज (grapes seed), या इसी तरहके अन्य हल्के तेलोंको रूईमें लगाकर नाभिमें लगायें और धीरे-धीरे मैल निकालें | नाभिमें उपस्थित  मैलके कारण जीवाणु (बैक्टीरिया) और फफूंद (फंगस)के पनपनेकी संभावना होती है | इसलिए कोई भी संक्रमण बढ सकता है | ऐसेमें यह आवश्यक है कि आप संक्रमणको दूर करने वाले प्रभावी तेलोंका प्रयोग करके नाभिको नम बनाकर रखें | इन तेलोंमें  सरसोंका तेल (मस्टर्ड आयल) सबसे प्रभावशाली हैं |
. फटे होठोंके लिए सरसोंका तेल : भारतीय रसोईका महत्वपूर्ण हिस्सा,सरसोंका तेल, ओमेगा-३ और ओमेगा-३ फैटी एसिड, विटामिन ई और ऑक्सीकरण रोधी तत्वसे (एंटीऑक्सिडेंट्स) भरपूर होता है । इसलिए इसे सबसे अधिक महत्वपूर्ण तेलोंमेंसे एक माना जाता है । सरसोंका तेल सूखे होंठोंकी समस्यामें लाभकारी है । रातमें सोनेसे पहले अपनी नाभिमें सरसोंके तेलकी कुछ बूंदे नियमित रूपसे डालने या प्रतिदिन नहानेके पश्चात नाभिपर सरसोंका तेल लगानेसे आपके होंठ ठंडके मौसममें भी कोमल और गुलाबी रहेंगे ।
. त्वचाको कोमल और गुलाबी बनाये मक्खन : यदि आप अपनी त्वचाको कोमल और नैसर्गिक रूपसे सुन्दर बनाना चाहते हैं तो देसी गायके दूधसे बने मक्खनको अपनी नाभिमें लगाएं । प्रतिदिन मक्खनको नाभिमें लगानेसे आप सरलतासे कोमल त्वचा पा सकते हैं ।
. त्वचाको चमकदार बनाये बादामका तेल : पोषक तत्वोंसे भरपूर बादाम, स्वास्थ्यके लिए और बादामका तेल त्वचाके लिए लाभप्रद होता है । पोषक तत्वोंसे भरपूर यह तेल न केवल त्वचामें एक नूतन प्राण डाल देता है, अपितु त्वचाकी खोई चमकको भी तुरन्त वापस ले आता हैं | यदि ऋतुमें परिवर्तनके कारण आपकी त्वचा खराब हो गई है तो नाभिपर बादामका तेल लाभकारी होगा ।
.मुहांसे दूर करनेमें सहायक नीमका तेल : नाभिपर नियमित नीमका तेल लगाएं । इसके नियमित प्रयोगसे मुखके मुंहासे स्वच्छ हो जाएंगे और नूतन तेज देखनेको मिलेगी । इसके अतिरिक्त यदि आपको खुजली हो रही है और शरीरमें चकत्ते पड रहे हैं तो नीमका तेल नाभिमें लगाएं । खुजली तुरन्त दूर हो जाएगी ।
. दाग-धब्बे हटानेमें सहायक नींबूका तेल : नींबूका तेल स्वादमें वृद्धि करनेके अतिरिक्त, यह उन विटामिन और खनिजोंसे युक्त है, जो शरीरके विकारोंको दूर करते हैं । नींबूका तेल नाभिमें लगानेसे मुखके दाग-धब्बे भी दूर हो जाते हैं ।
. उदर वेदना (पेटके दर्द) में  लाभकारी : नाभिमें तेल लगानेसे उदर वेदना न्यून होती है | इससे अपच, अतिसार, मतली जैसे रोगोंमें लाभ मिलता है | इस प्रकारके रोगोंके लिए पुदीनेका तेल और अदरकके तेलको किसी वाहक तेलके(कैरियर आयल) साथ पतला करके नाभिमें लगाना चाहिए |
. जोडोकी वेदनामें लाभप्रद : जोडोंकी वेदनामें नाभिपर सरसोंके तेलकी कुछ बूंदें लगानेसे लाभ मिलता है ।
१०. कब्जमें लाभप्रद : नाभिमें देसी गौके दुग्धका घी लगानेसे कब्जमें लाभ मिलता है ।

 



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