बेंगलूरु: कर्नाटकमें संपन्न हुए विधानसभा चुनावमें नवनिर्वाचित कई विधायकोंके विरुद्ध गंभीर आपराधिक अभियोग हैं। इसमें सबसे अधिक विधायक बीजेपीके हैं। बीजेपीके ४२ विधायकोंके विरुद्ध अभियोग हैं। इसके बाद कांग्रेसके २३ विधायक शामिल हैं। साथ ही राज्यमें हुए पिछले विधानसभा चुनावकी तुलनामेंं इस बार उनकी संपत्ति में भी वृद्धि हुई हैै। ऐसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) और कर्नाटक इलेक्शन वॉच द्वारा दी गणनाके अनुसार २२१ विधायकोंपर किए गए विश्लेषण में ७७ के विरुद्ध आपराधिक अभियोग हैं। इनमें से ५४ के विरूद्ध हत्या और अपहरणके प्रयाससे जुुडे गंभीर आपराधिक प्रकरण हैं।
एडीआर और कर्नाटक इलेक्शन वॉचने बताया है कि चार विधायकोंने स्वीकार किया कि उनके विरुद्ध हत्याके प्रयासका प्रकरण है। रिपोर्टके अनुसार बीजेपीके जहां ४२ विधायकोंके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण हैंं, वहीं कांग्रेसके २३ विधायकों और जेडीएसके ११ विधायकोंके विरुद्ध प्रकरण है। बीजेपी इस प्रकरणमें भी सबसे आगे है कि उसके २९ विधायकोंके विरुद्ध गंभीर आपराधिक प्रकरण हैं। कांग्रेसके १२ और जेडीएसके ८ विधायक गंभीर आपराधिक अभियोगका सामना कर रहे हैं।
२१५ विधायक करोडपति
धन सम्पति वृद्धिके प्रकरणमें भी २२१ नवनिर्वाचित विधायकोंमें से २१५ विधायक करोड़पति हैं। पिछले विधानसभा चुनावमें इनकी संख्या २०३ थी। सबसे अधिक धनी विधायक बीजेपी में हैं जिसके १०१ विधायकोंने घोषित किया है कि वे करोडपति हैं। कांग्रेसमें ऐसे करोडपति विधायकोंकी संख्या ७७ और जेडीएस में ३५ है।
कई विधायकोंकी संपत्तिमें कई गुना वृद्धि
कई विधायकोंकी संपत्तिमें अधिक वृद्धि हुई है। चित्रदुर्गसे बीजेपी विधायक जीएच थिप्पा रेड्डीकी संपत्ति २०१३ में ४८ कोटि थी। उनकी संपत्तिमें ४१८प्रतिशत वृद्धि हुई है। इसी तरह से कांग्रेस विधायक जमीर खानकी संपत्ति २०१३ में ९ कोटि थी, २०१८ में उनकी संपत्ति बढकर ४० कोटि हो गई है। २०१३ में खानने जेडीएसके टिकटपर चुनाव लडा था। पिछले पांच वर्षोंमें कांग्रेस विधायक डीके शिवकुमारकी संपत्तिमें २५१ प्रतिशतकी वृद्धि हुई है। २०१३ में शिवकुमारकी कुल संपत्ति २५१ कोटि थी जो अब बढकर ८४० कोटि हो गई है।
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