उत्तिष्ठ कौन्तेय
जापान टुडेके अनुसार शुक्रवारको ‘ट्रेन’ कंडक्टरको ये लगा कि उसकी ‘ट्रेन’ नोटोगावाके लिए ७:११ पर चलेगी जबकि उसे ७:१२ पर छूटना था । कंडक्टरने एक मिनिट पहले ही ट्रेनके द्वार यात्रियोंके लिए बन्द कर दिए यद्यपि उसे अपनी भूलका भान शीघ्र ही हो गया । उस समय भी कंडक्टरके पास अपनी भूल सुधारने का एक अवसर था; किन्तु उसने ‘प्लेटफ़ॉर्म’पर किसी यात्रीको ट्रेनकी प्रतीक्षा करते हुए नहीं देखा, इसी कारणसे कंडक्टरने ट्रेनको निर्धारित समयसे २५ सेकण्ड पहले प्लेटफ़ॉर्म छोडनेका निर्णय लिया । रेलवे कंपनीने लोगोंको हुई असुविधाके लिए क्षमा मांगी है, निकट वर्तमानमें दूसरी बार ऐसा हुआ है ।
भारत देशमें यदि यह हुआ तो रेलवे मन्त्रालयका सम्पूर्ण दिवस ट्रेनके असमय चलनेसे क्षमा मांगनेमें ही चला जाएगा !
क्या भारतवासी जापानियोंसे समयबद्धता सीखेंगे ? – तनुजा ठाकुर (१८.५.२०१८)
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